चंद्रपुर जिले के सिंदेवाही में रविवार को जनता का सब्र फूट पड़ा, जब मालधक्का प्रोजेक्ट के खिलाफ भारी जनसैलाब सड़कों पर उतर आया। सैकड़ों नागरिक हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर प्रशासन और सरकार के विरोध में जबरदस्त प्रदर्शन करने लगे।
यह प्रोजेक्ट शहर के बीचोंबीच विकसित किया जा रहा है, जिसमें बाहरी इलाकों से लोह अयस्क (Iron Ore) लाकर डंप किया जाएगा और रेलमार्ग के जरिए आगे भेजा जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे प्रदूषण, धूलकण और सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाएगा। साथ ही बच्चों, बुज़ुर्गों और नागरिकों के स्वास्थ्य व सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न होगा।
नागरिकों ने पहले ही तहसीलदार संदीप पानमंद के माध्यम से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को ज्ञापन सौंपकर अपने विरोध का संकेत दिया था। बावजूद इसके, 12 अक्टूबर को कार्य शुरू करने की कोशिश की गई, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पूरा सिंदेवाही “मालधक्का रद्द करो” और “जान से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारों से गूंज उठा।
मौके पर विधायक विजय वडेट्टीवार भी पहुंचे और प्रोजेक्ट रद्द करने की मांग की। नागरिकों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी कि यदि तुरंत इस प्रोजेक्ट पर रोक नहीं लगाई गई, तो आंदोलन और भी तीव्र रूप लेगा।
सिंदेवाही की जनता अब आर-पार के मूड में है। सवाल सिर्फ एक है — विकास के नाम पर जनता की सांसें क्यों घुटें? नागरिकों की मांग है कि प्रशासन स्थानीय सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए तुरंत कार्रवाई करे।
यह आंदोलन केवल विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता के प्रति जागरूकता का प्रतीक बन चुका है। सिंदेवाही की जनता स्पष्ट संदेश दे रही है कि बिना उनकी अनुमति और सुरक्षा मानकों के विकास के नाम पर कोई कदम स्वीकार्य नहीं होगा।


