बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही भाजपा और जेडीयू के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर तनाव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री नितीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच मतभेद NDA के अंदरूनी संघर्ष को बढ़ा रहे हैं।
सीटों के बंटवारे पर पेच
NDA में सीटों के बंटवारे के अनुसार भाजपा और जेडीयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। लेकिन जेडीयू को 9 सीटों पर आपत्ति है, जिनमें तारापुर, सोनबरसा, राजगीर और मोरवा जैसी प्रमुख सीटें शामिल हैं।
विशेष रूप से, तारापुर सीट पर सम्राट चौधरी को उम्मीदवार बनाने के भाजपा के निर्णय पर नितीश कुमार ने आपत्ति जताई। इसके चलते भाजपा ने सम्राट चौधरी के लिए पटना की कुम्हरार या पटना साहिब सीट पर चुनाव लड़ाने का विकल्प सोचा है।
नितीश कुमार की नाराजगी
नितीश कुमार ने जेडीयू उम्मीदवारों को पार्टी चिन्ह (सिंबल) देते हुए अपनी रणनीति स्पष्ट की है। जेडीयू के मंत्री रत्नेश सदा को सोनबरसा सीट पर उम्मीदवार बनाया गया है, जिससे चिराग पासवान की एलजेपी की तीन सीटों को लेकर मतभेद उत्पन्न हुए हैं।
समय की मार
पहले चरण में उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है, और अभी तक सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। NDA में यह अंदरूनी तनाव और विलंब चुनावी तैयारी पर असर डाल सकता है।
भविष्य की दिशा
सीटों के बंटवारे और NDA के अंदरूनी मतभेदों को देखते हुए, आगामी चुनाव में यह तनाव निर्णायक भूमिका निभा सकता है। दोनों पक्षों को जल्द बैठक कर समाधान निकालना आवश्यक है।


