हिंदी फिल्म और वेब सीरीज की दुनिया में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिन्हें किसी भी रूप में भुलाया नहीं जा सकता। ऐसे ही एक दिग्गज अभिनेता हैं कुलभूषण खरबंदा, जिन्होंने अपने लंबे करियर में खलनायक की भूमिकाओं से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। 1980 में प्रदर्शित फिल्म शान में शाकाल की भूमिका ने उन्हें लोकप्रियता दिलाई। यह किरदार जेम्स बॉन्ड के खलनायक ब्लोफेल्ड से प्रेरित था और कुलभूषण खरबंदा ने इसके लिए अपनी छवि पूरी तरह बदल दी थी।
कुलभूषण खरबंदा का जन्म 21 अक्टूबर 1944 को हसन अब्दल, पंजाब, ब्रिटिश भारत (अब पाकिस्तान) में हुआ। उन्होंने अपना शिक्षा जीवन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और किरोरी मल कॉलेज में पूरा किया, जहां वे ड्रामाटिक सोसायटी के सक्रिय सदस्य रहे। 1960 के दशक में उन्होंने दिल्ली थिएटर सर्किट से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की।
हाल ही में 75 साल की उम्र में, कुलभूषण खरबंदा ने वेब सीरीज मिर्झापूर में “बाउजी” का किरदार निभाया। इसमें उनका किरदार खलनायक की शैली में था, लेकिन उन्होंने अपनी पोती जैसी भूमिका वाली अभिनेत्री रसिका दुग्गल के साथ बोल्ड सीन भी किया। इस सीन ने दर्शकों और नेटिज़न्स के बीच काफी हलचल मचाई और उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।
रसिका दुग्गल ने इस सीन के बारे में कहा कि “मुझे ये बोल्ड नहीं लगता। किसी भी पुरुष और महिला के बीच संबंध होना एक सामान्य बात है।” उन्होंने यह भी कहा कि उनका किरदार बीना स्क्रीन पर ज्यादा समय न मिलने के बावजूद दर्शकों पर प्रभाव डालता है।
कुलभूषण खरबंदा की यह भूमिका दर्शकों के लिए चौंकाने वाली रही, क्योंकि उम्र के इस पड़ाव में उन्होंने इतने बोल्ड सीन का सामना किया। इसके बावजूद, उनका अभिनय और अनुभव दर्शकों को प्रभावित करने में सफल रहा। ट्रोलिंग के बावजूद, उनके फैंस ने उनकी परफॉर्मेंस की सराहना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि कुलभूषण खरबंदा की यह भूमिका हिंदी फिल्म और वेब सीरीज इंडस्ट्री में उम्र की सीमा को चुनौती देने वाली साबित हुई। उन्होंने यह दिखाया कि अभिनय में उम्र कोई बाधा नहीं है और खलनायक की शैली में भी अभिनेता बोल्ड और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं का सामना कर सकता है।
कुल मिलाकर, कुलभूषण खरबंदा का मिर्झापूर में बाउजी का किरदार और रसिका दुग्गल के साथ उनका बोल्ड सीन दर्शकों और आलोचकों दोनों के लिए चर्चा का विषय बना। यह साबित करता है कि उनके करियर में उम्र केवल एक संख्या है और अभिनय में उनकी प्रतिभा हमेशा चमकती रहेगी।


