मुंबई, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिवसेना भवन में बेस्ट कामगार सेने के मेळावे में अपने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देते हुए विरोधियों को पहला सख्त इशारा दिया। ठाकरे ने कहा कि ठाकरे ब्रैंड अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन जब इसकी शुरुआत होगी तो विरोधियों को इसका असर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की चुनावी तैयारी के लिए सजग रहने का निर्देश दिया।
उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में बेस्ट बस प्रणाली की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेस्ट मुंबई की “रक्त वाहिनी” है और इसका खाजगीकरण किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर बेस्ट का खाजगीकरण होना था तो हम पहले ही उसे अनुमति देते, लेकिन इसे कभी भी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।” उन्होंने कर्मचारियों की चिंता, मत चोरी की घटनाओं और मुंबई में मराठी लोगों के अधिकारों पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला।
उद्धव ठाकरे ने बेस्ट के सुधार और नवीनीकरण के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए कई डिपो का नवीनीकरण किया और कर्मचारियों को पगार तथा बोनस देने की व्यवस्था सुनिश्चित की। उन्होंने कहा कि जनता और कर्मचारियों के हित के लिए उनका पूरा ध्यान बेस्ट बस प्रणाली पर है। उन्होंने यह भी कहा कि बेस्ट के संचालन और कर्मचारियों के भविष्य को लेकर उन्हें पूरी चिंता है।
ठाकरे ने अपने भाषण में राजनीतिक रणनीति की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि चुनावों में मत चोरी जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन पार्टी विजयी होने के लिए हर चुनौती का सामना करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “आपका समर्पण और निष्ठा ही हमारी ताकत है। वादळों और चुनौतियों का सामना करते हुए हम हमेशा जीतेंगे।”
उद्धव ठाकरे ने विरोधियों को भी चेतावनी दी कि ठाकरे ब्रैंड के आने के बाद उनकी राजनीतिक चालों का असर दिखेगा। उन्होंने कहा कि शिवसेना हमेशा मराठी लोगों के हित के लिए खड़ी रहेगी और बेस्ट जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं का संचालन जनता के हित में ही होगा।
इस मेळावे में बेस्ट कामगार सेने के पदाधिकारी, शिवसेना कार्यकर्ता और उद्धव ठाकरे के करीबी उपस्थित थे। ठाकरे ने पार्टी के पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आगामी चुनावों में पूरी मेहनत और रणनीति के साथ मैदान में उतरें। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को यह भी याद दिलाया कि जनता की सेवा और मराठी अधिकारों की रक्षा ही शिवसेना का मुख्य उद्देश्य है।
उद्धव ठाकरे के इस भाषण ने कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह भर दिया। उनके संदेश से स्पष्ट हुआ कि ठाकरे ब्रैंड और शिवसेना की आगामी रणनीति आगामी चुनावों में विरोधियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगी।


